रविवार, अप्रैल 26, 2020

26 April : During the 2nd lock down, Random photos/ informations कोविद १९ (२०२०): कोरोना महामारी

कोविद १९ (२०२०): कोरोना महामारी 
 Covid 19 (2020) corona pandemic 

हाथ मिलाने का फैशन लगभग खत्म होने को है - ये फोटो इसी दौरान टाइम्स ऑफ़ इंडिया से ली है :

१,  अप्रैल के दौरान खाली सड़कें  (चेन्नई IIT )







२. वातावरण की शुद्धता  (दिल्ली): इस दौरान प्रदूषण का स्तर  पिछले दशकों में सबसे कम रहा |











३. पूर्ण बंदी में घर ना जा सकने वाले मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था  एवं योग : सरकारी स्कूलों में स्थानीय लोगों (NGO ) द्वारा (चम्पावत में)


४. पूर्ण बंदी के दौरान टेलीविजन पर सिनेमा : मुगले आजम में -पृथ्वी राज कपूर,  (दिलीप कुमार) और   मधुबाला : 



५. रघुराम राजन (अर्थ व्यवस्था पर ), राम एवं रावण (रामायण के ३० साल बाद के पु न: प्रसारण पर )



 ६. इसी दौरान वैशाखी एवं तमिल नया साल मनाया गया (पुत्तण्ड वारथंगाल ).  इस बाएं फोटो में  सन   २०२० के साथ साथ विक्रम संवत २०७७, राष्ट्रीय शाके  १९४२ तथा हिजरी सन १४४१ भी है |   दायां  फोटो इस दौरान होने वाली ऑनलाइन  शादी का है |



७. इसी तरह से हमारे परिचित के यहाँ सुपुत्र का नामकरण व्हाट्सप्प द्वारा किया गया |  कुमाऊं में घर में  पंडित एवं गाने आदि - और चेन्नई में  उनके घर में  नामकरण , हमारे परिवार ने हमारे घर से उसमें शिरकत की|

८. शोध छात्रों की थीसिस जमा होना , उनका VIVA  भी ऑनलाइन हुआ - उदाहरणार्थ - पॉन्डिचेरी में शोध छात्र, दिल्ली में परीक्षक , चेन्नई में अपने-अपने घरों में  मौजूद मेम्बरान तथा बांकी लोग करीब २८ लोगों ने शिरकत की.  ये ऑनलाइन पढ़ाई के अलावा  है जिसमें सिर्फ एक शिक्षक व्याख्यान देता है  और छात्र सुनते हैं |

९. आजकल के अखबार या न्यूज चॅनेल "रोड टु  रिकवरी " टाइप की खबरों से भरे रहते हैं :
बांकी फिर कभी ,


भारत में  कोरोना से सम्बंधित सरकार द्वारा जारी जानकारी के लिए यहाँ देखें 
https://www.mygov.in/covid-19

click here for the updates on corona disease by Indian government.
https://www.mygov.in/covid-19

इससे सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारियां यहाँ पर देखें :
https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/about/index.html


प्रेम २६ अप्रेल २०२० 




Korona time: why we should write our experiences, कोरोना के इस काल में हमने क्यों अपने अनुभव लिखने चाहिए.

Korona time: why we should write our experiences

कोरोना के इस काल में  हमने क्यों अपने अनुभव लिखने चाहिए.

१०० साल का समय, मानवता के लिए  वैसे तो बहुत नहीं होता, लेकिन फिर भी यह निम्न लिखित तरीके से देखा जाय तो बहुत होता है |  उदाहरणार्थ इसमें एक मनुष्य अपने दसियों जनमबार, कुछेक शादी-वादी की (अपनी या दूसरों की ) स्वर्ण जयंतियां या कम से कम रजत जयंतियां तो मना ही लेता है |

कुछ सामान्य सी बातें  है- हर दस साल में  बदलाव देखने को मिलते हैं, जैसे हर पांच साल में  सरकारें बदलती हैं, हर दस साल में सरकार अपने कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग  गठित करती  है |   हर पांच साल में  कई  डिग्रियां  मिलती हैं | हर पंद्रह साल में  हर एक बच्चा बड़ा हो जाता है ' अगले बीस सालों के अंदर बच्चों का परिवार बन जाता है आदि आदि |

करीब सौ साल पहले राईट भाइयों ने हवाई जहाज में पहली बार उड़ान भरी - आज के दिन में  अनेक  क्षेत्रों में  बगैर हवाई यात्रा के काम काज चल ही नहीं सकता है |

पिछले सौ सालों में  भारत में बहुत सारे शिक्षण संस्थान खुले , उनमें से कई इस समय अपने पचास या उससे भी ज्यादा साल के हो चुके हैं |  इन संस्थानों में  पढ़े -लिखे लोगों ने दुनियां में  कई क्षेत्रों में  योगदान दिया है |

मैं  नैनीताल के DSB कैंपस का पढ़ा हूँ. आज यदि मैं  उस कैंपस की रजत जयंती स्मारिका के बारे में  कालेज की पत्रिका के अलावा किसी और से कुछ जानना चाहूँ, तो ये संभव नहीं.  किसी ने कोई फोटो खींचा भी होगा तो उसका कोई डिटेल नहीं होगा या वो फोटो कूड़े में  जा चुकी होगी क्योंकि फोटो खींचने वाला  मर खप गया होगा| पता नहीं सन १९७५-१९८० के अखबार कहीं मिलेंगे? होंगे तो क्या सुरक्षित होंगे?  उस समय डिजिटल स्टोरेज भी नहीं था |

अब माना कोई विधार्थी आज उस रजत जयंती के बारे में  एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बना रहा होगा तो उसकी रिपोर्ट में,  उक्त स्मारिका से हटकर कुछ नया होगा , इसकी कल्पना करना भी उचित नहीं है|

इसीलिए अब कुछ डाटा :
आज यानी २६ अप्रैल को जब दुनियां में  करीब २ लाख लोग कोरोना से अपनी जान गवां चुके हैं, कुल ३ करोड़ के लगभग इस बीमारी से ग्रसित हैं.
भारत में  आज पूर्णबंदी का ३३वां दिन है | कुल २६४९६ संक्रमित लोगों में भारत के ७३४ जिलों में  से  २७ जिले ऐसे हैं, जो ६८% का योगदान कर  रहे हैं |
२०% संक्रमण मुंबई , पूना एवं ठाणे से हैं |  ७००० लोग महाराष्ट्र में, जिसमें ५००० लोग सिर्फ मुंबई में  हैं |
६४ पुलिस वाले महारास्ट्र एवं ३२ दिल्ली में  कोरोना संक्रमित हैं |

तमिलनाडू में करीब १८०० कोरोना के मरीज पाए गये हैं | चेन्नई में करीब ५०० लोग संक्रमित हैं |

चेन्नई में  आज से २९ अप्रैल तक तीव्र पूर्ण बंदी लागू की गयी है |  इस चक्कर में  कल सब्जी तथा किराने की दुकांनों  में काफी लम्बी लाइनें लग गई.

दिल्ली के एक अस्पताल (वाडा )  को बंद कर दिया गया है क्योंकि उसकी एक नर्स को संक्रमित पाया गया है |
प्लाजमा थेरपी जो की एक पुरानी तकनीक है, का इस्तेमाल दिल्ली के अस्पतालों में आरम्भ कर दिया गया है , ये माना जा रहा है कि  इससे कोरों बीमारी से लड़ने में  मदद मिलेगी |

[ये सारी सामग्री आज के अखबारों एवं  न्यूज़ चैनलों से जुटा ई गयी है ]


भारत में  कोरोना से सम्बंधित सरकार द्वारा जारी जानकारी के लिए यहाँ देखें 
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इससे सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारियां यहाँ पर देखें :
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प्रेम अप्रैल २६, २०२०














शुक्रवार, अप्रैल 24, 2020

कोरोना के सिर्फ 5% मरीजों को वेंटीलेटर की आवश्यकता


चिकित्सकों  के अनुसार (डॉ. गुलेरिया,  सन्दर्भ: AIR news, 8 AM , 24/4/2020 ) 

(अ).  100 में से 80 लोगों को इस बीमारी के  लक्षण ना  के बराबर होते  हैं, उन्हें किसी इलाज की जरूरत नहीं पडती है |
 (ब). 15% लोगों को आक्सीजन की आवश्यकता होती है |


(स).   5%  बीमार लोगों को ही गहन चिकित्सा कक्ष्य में ले जाने की आवश्यकता होती है, जहाँ वेंटीलेटर का इस्तेमाल होता है | 

इस सन्दर्भ में ये बात नोट करने लायक है कि -ज्यों ही किसी को जुकाम जैसी शिकायत हो, उन्हें तुरंत स्वास्थ्य कर्मी को इत्तला करनी चाहिए , ताकि समय पर इलाज मिल सके.  उपरोक्त के अनुसार आप देखेंगे कि  हो सकता है मरीज उन 15% लोगों में हो.
प्रेम
अप्रैल २४, २०२०

सोमवार, अप्रैल 20, 2020

कोविद १९ से सम्बंधितपूरे विश्व की जिले-वार ताजातरीन रिपोर्ट : LIVE Report COVID19 Wordwide

कोविद १९ (corona) से सम्बंधित पूरे विश्व की जिले-वार ताजातरीन रिपोर्ट

The live report of the corona virus cases (infected, recovered and related cases) is given at the following link. As on date (April 20, 2020) there is no corona case in Champawat district.

https://www.orfonline.org/covid19-tracker/?b

आज सुबह 7 बजे तक (२० अप्रैल २०२०) चम्पावत जिले में इस रिपोर्ट के अनुसार कोई भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति नहीं है |

Prem
20.04.2020

रविवार, अप्रैल 12, 2020

झुण्ड प्रतिरोधकता यानि हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity)

झुण्ड प्रतिरोधकता यानि हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity)

जिस प्रकार  से दुनियां में  कोरोना वाइरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है , उसमें इस समय कोई अंत नजर नहीं आता |  तीन सप्ताह का लॉक डाउन  समाप्त होने को है और ऐसा लगता है की सामान्य जीवन चर्या अगले २ से तीन महीने तक (यानी जून -जुलाई तक ) ही प्रारम्भ हो पाएगी.  जिस तरह से भारत में  कोरोना संकट यूरोप के कुछ देशों के बाद आया उसी का परिणाम है कि  आज हम इससे थोड़ा बेहतर तरीके से निपटने की स्थिति में  हैं, अन्यथा परिणाम कुछ और ही होते.

भारत के सन्दर्भ मैं दो बातें महत्व पूर्ण लगती हैं :
पहली  झुण्ड प्रतिरोधकता  और दूसरी एंटीबाडी टेस्ट  (Herd immunity and Antibody test)
जैसा कि कुछ दिन पहले कोरोना से सम्बंधित शब्दावलियों में  मैंने इसका जिक्र किया था,  इसका सम्बन्ध एंटीबॉडी  (प्रतिपिंड)  से है | ये प्रतिपिंड शरीर में तभी पैदा होते है , जब उस बीमारी से कहीं न कहीं मनुष्य का सामना हुआ हो - यानि आप किसी न किसी  ऐसे व्यक्ति के संपर्क में  आये हैं, जिसे वह बीमारी हुई हो, या कम से कम वह भी सम्पर्क में  आया हो.  इसका मतलब ये हुआ कि  जब धीरे धीरे सारा समाज इस वाइरस के सम्पर्क में  आ जाय, तो शरीर में प्रतिपिंड बनने से आपको ये बीमरी नहीं होगी, ठीक वैसे ही, जैसे पोलियो या ऎसी ही बीमारियां अब समाज से हट गयीं है, क्योंकि उनके टीके (यानि  प्रतिपिंड) पहले ही शरीर में  पहुंचा दिए गए हैं |

इसी से सम्बन्धी दूसरा नाम है प्रतिपिंड जाँच (antibody test) :  संक्रमित रोगी (जरुरी नहीं कि रोगी अत्यधिक बीमार हो ) को पहचाने के लिए किसी व्यक्ति के गले या नाक से द्रव  लेकर उसे दो तीन दिन के लिए कल्चर किया जाता है ताकि उसमें से वायरस के RNA को पहचाना जा सके |  इसके विपरीत प्रतिपिंड टेस्ट में  किसी भी व्यक्ति की ऊँगली से निकाले गए थोड़े से खून की नन्हीं सी बूँद से १० मिनट के अंदर ये पता चल जाएगा कि उस ब्यक्ति में प्रतिपिंड बन चुके हैं या नहीं | यह टेस्ट सीरम विज्ञान के अंतर्गत आता है|

कुल मिलाकर हम ये कह सकते हैं कि  हर्ड इम्युनिटी के उपरांत ही जीवन सामान्य हो पायेगा , तब तक क्या क्या हो चुका  होगा , इसका अनुमान लगाना इस समय तो  मुश्किल  है.


Prem, April 12, 2020

भारत में  कोरोना से सम्बंधित सरकार द्वारा जारी जानकारी के लिए यहाँ देखें 
https://www.mygov.in/covid-19

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इससे सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारियां यहाँ पर देखें :
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शुक्रवार, अप्रैल 10, 2020

Does covid 19 spread through air?

Does covid 19 spread through air?

 SARS-CoV-2  (Severe acute respiratory syndrome) or covid 19 is the talk of the universe as on date.  Most of the countries are under lockdown for many many weeks. The city of Wuhan (China) has opened after 11 weeks of shut down- which also shows an example that the disease can be controlled.

One article in nature  (April 2020) describes the controversy about the spread of covid19 through air.  Scientists do not agree on this. Except a few lab-experiments  on imaging a sneezing, there are not much data as of now. Therefore, all the governments have suggested to wear a mask (just to cover the nose and mouth). The mask can be a simple cloth. This is supposed to stop the aerosols or the small droplets in which the virus is travelling in the air.

Covid19 has a size of about 100 nm {RNA length of 30 base pair (bp) with 1bp containing about 1000 nucleotides}.  This means 2 micrometer diameter droplet (the size known as an aerosol) cold contain about 1000 of these viruses (along with the water content of the aerosol).  These aerosols will last for about 3 hours in the air at normal temperature and humidity. 
These aerosols, generally spherical in shape also undergo Mie scattering which can be helpful in damaging the virus in Sunny areas by quickly reducing the size of the droplet. The Air-conditioned atmosphere on the other hand is better for the infection due to cold and recirculating air in the plae.  Therefore, it has been suggested to keep the air circulating. The exposure 'time' and 'amount' of the virus is required to get the person infected to the level of the sickness.
Therefore, besides the usual practice of the washing the hands with soap Or using the sanitizes, it is suggested to 
1. wear cloth masks
2. keep the windows open
3. maintain the social distancing

It looks any way, in future, the social distancing will be a basic need of the society and shaking hands can be a thing of the past!

Prem
10th April 2020




सोमवार, मार्च 30, 2020

भारत में कोविद 19 (कोरोना वायरस ) का बढ़ता संक्रमण , Progress of covid19 infections in India

भारत में कोविद 19  (कोरोना वायरस ) का बढ़ता संक्रमण तथा सरकारों द्वारा बढ़ाये कदम :  लॉकडाउन  (lock down, पूर्ण बंदी) 

भारत में  कोरोना से सम्बंधित सरकार द्वारा जारी जानकारी के लिए यहाँ देखें 
click here for the updates on corona disease by Indian government.
https://www.mygov.in/covid-19

कोरोना वायरस सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारियां यहाँ पर देखें :
https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/about/index.html


Interactive map of world on corona at John Hopkins university is at this link

जॉन हॉकिंस विश्वविद्यालय द्वारा इंटनेट पर दिया गया लिंक यहाँ है :
https://coronavirus.jhu.edu/map.html


जैसा कि १९ तारीख के देश के नाम सन्देश में  प्रधानमन्त्री श्री मोदी जी ने इशारा किया था,  २२ तारीख के अनुभव के बाद , २४ तारीख के सन्देश में  पूरे भारत में  रात के १२ बजे से (यानी २५ तारीख से) पूरे भारत में  लोगों के घर से निकलने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया.



उत्तराखण्ड , केरल जैसी सरकारों ने भी कुछ दिन पहले से ही, कई जिलों में  ये प्रतिबन्ध तथा धरा १४४ लगा दी गई थी |  इस   पूर्ण बंदी  के  अंतर्गत सिर्फ आवश्यकीय सेवााओं को ही छूट दी गयी.


करीब १०१ दिन से चला आ रहा CAA  (citizen amendment act) के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन भी संम्पत हो गया | यह इसलिए भी जरूरी हो गया था क्योंकि दिल्ली में  ५ से अधिक लोगों के एक साथ रहने पर पाबंदी लागू कर  दी गई थी |


विदेशों से आने वाले नागरिकों से विदेश मंत्रालय ने कहा कि  अब जो जहाँ है- वो वहीँ पर रहें.   सारे टूरिस्ट वीसा  रद्द कर  दिए गए.

देशी तथा विदेशी उड़ानों पर २४ तारिख  से ३१ मार्च तक प्रतिबन्ध लगा दिया  गया |  सारी रेलगाड़ियां ३१ मार्च तक रोक दी गयीं | 


सारे शिक्षण संस्थानों को बंद क्र दिया गया, होस्टल खाली करा दिए गए ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग आइसोलेशन वार्ड्स के रूप में  किया जा सके.   हालांकि CBSE  द्वारा कुछ परीक्ष्याओं को टाल दिया लेकिन कुछ राज्यों में १२ की  परीक्ष्याएं  चलती रही.  यहाँ पर ये बताना जरूरी है कि  LOCKDOWN  के दौरान भी बड़े शहरों में कुछ बसें चलती रहीं- जो कि आवश्यक सेवाओं के कर्मचारियों को सेवा दे रहीं थी. 


भारत में ऐसा लग रहा था कि कुछेक लोग ऐसे हो गए हैं, जिनका सम्बन्ध विदेश से कोरोना लाने वालों से नहीं लग रहा था.  हालांकि आर्मी के एक जवान को भी लद्दाख में कोरोना से सनकृमित होने की खबर भी आगयी थी- जिसे ये संक्रमण उसके पिताजी द्वारा मिला था- जो विदेश से आये थे.

इसी दौरान ये भी लगा कि जिनके पास घर हैं वह तो अपने घरों में  रह रहे हैं, इक्का दुक्का लोग जो ये देखने बाहर जा रहे थे  कि देखें जरा कैसा लग रहा है- (और पुलिस द्वारा उनको वापस अंदर भेजने की बातें भी काफी सुनायी -दिखाई दी ). 

लेकिन २८-२९ मार्च के आसपास ऐसा देखने को मिला जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी. रोजमर्रा काम करने वाले हजारों मजदूर १००-२०० या ४०० किलोमीटर चल कर  घरों को जाने के लिए बेताब दिखे. इसी दौरान कहीं बस चलने की खबर आते ही, दिल्ली के आनंद विहार बीएस अड्डे पर लोगों का ताँता लग गया |  सामाजिक दूरी की बात यहाँ पर बेमानी लग रही थी |

https://twitter.com/ChinmayTumbe/status/1244244943666700288  इस लिक से प्राप्त ये भारत के नक्शे  में  गहरे लाल रंगों से ये दर्शाया गया है कि भारत में  सबसे अधिक ध्याड़ी मजदूर किन राज्यों से आते हैं.  ये नक्शा ये भी इंगित करता है कि  आने वाले दिनों में  राज्य सरकारों को किन जगहों पर अपने टेस्ट किट ले जाने चाहिए और अस्पतालों को दुरुस्त करना चाहिए. 

उधर विदेशों में  भी - चीन के हालात तो अब ठीक हो गए लेकिन इटली , फ्रांस तथा अमेरिका में ये बीमारी विकराल रूप धारण किये हुए है | 
अमेरिका में भी कई राज्य लॉकडाउन  की  स्थिति में हैं 




 इसी से लगता है कि  ये LOCKDOWN  अभी और चलेगा - इतिहास का दौर है , आजकल हम जैसे अद्ध्यापक online teaching  से अध्यापन का कार्य कर  रहे हैं , साथ ही साथ ONLINE MEETINGS के जरिये शोध का काम आगे बढ़ा रहे हैं.  ऑनलाइन कार्यक्रम करना अपने आप में  एक नया अनुभव है | 

अपने को अंदर ही रक्खें,  संक्रमण से बचे रहें ,

प्रेम ३०  मार्च २०२०. 


गुरुवार, मार्च 26, 2020

People's curfew : 22nd March 2020

People's curfew : 22nd March 2020
जनता कर्फ्यू  २२ मार्च २०२०

भारत में  कोरोना से सम्बंधित सरकार द्वारा जारी जानकारी के लिए यहाँ देखें 
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कोविद २०१९ के चलते (पिछली पोस्ट पढ़ें) सरकार ने पूरे भारत में  एक दिन का जनता कर्फ्यू का   एलान किया |  यह एलान खुद प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 19  तारीख की रात 8  बजे किया |  इस दौरान रविवार , २२ तारीख की शाम के ५ बजे पूरे भारत में  स्वास्थ्य कर्मियों एवं अन्य सहायक कामदारों जैसे, टैक्सी -टेम्पो चलाने वालों,  पुलिस वालों आदि अतिआवश्यक सेवाओं वाले लोगों के लिए तालियां बजाकर उनका आभार प्रकट किया गया |


 इसी दौरान लिया गया टीवी से एक फोटो.

ये माना जा रहा है कि  चूँकि कोविद १९ एक तेजी से फैलने वाला वाइरस है, इसका फैलाव रोकने के लिए  जनता के बीच दूरी  बनायी जाय |  इस प्रक्रिया का  नाम है " सामाजिक दूरी "  (social distancing" .






१९ तारीख के सम्बोधन में  प्रधानमन्त्री ने जनता से आगे आने वाले हफ्तों के बारे में  भी आगाह किया था |

कोरोना वायरस सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारियां यहाँ पर देखें :
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प्रेम

रविवार, मार्च 22, 2020

कोरोना शब्दावली, corona glossary, covid19

कोरोना एक जुकाम का वायरस है - इसका जिक्र जीव विज्ञान की इंटरमीडिएट की किताबों में मिलता है |  परन्तु  कोविद19 यानि covid19  जिस वाइरस ने दुनियां में त्राहि-त्राहि मचा रखी है , उसकी  जाति  तो एक है लेकिन बनावट और संक्रमण का तरीका एकदम भिन्न। 

Translated  in English by Anupam Bisht

Corona is virus that results in flu disease in humans with typical of common flu- symptoms. Typically, the coronavirus is introduced to biology students of intermediate classes. This particular strain of virus (Corona virus disease 2019 , covid – 19) has brought about chaos all out the world.  It is believed to have originated (or mutated to human infection level) from a fish market in Wuhan, China.
The virus has different ways of transmission to patients. It is a new virus and hence there is no vaccine as yet (march 2020). Today over 3.5 lakh  (350000) people are infected by this, over 100000 are recovered. However, over 13000 have died, mostly elderly patients who suffer from some or the other age-related ailments.

 उससे सम्बंधित कुछ शब्दावली नीचे दी जा रही है :
Below are a few commonly used terminologies (glossary) with respect to Corona.

१. सामुदायिक  संक्रमण (community transmission): जब संक्रमण का स्तर  इतना पहुंच जाय कि  ये पता ना चल पाय कि इन  बीमार  व्यक्तियों  को संक्रमण कहाँ से आया |
[उदाहरणरार्थ , आज-कल के हिन्दुस्तान में  इस बीमारी से ग्रस्त  करीब-करीब 100 प्रतिशत  बीमारों के संक्रमण का मिलान किसी न किसी ऐसे व्यक्ति से किया जा पा रहा है -जो, हफ्ते -दो हफ्ते पहले  विदेशों से हिन्दुस्तान में दाखिल हुआ है|] इसका मतलब ये है कि  अभी (२२ मार्च  २०२०  तक ) भारत में सामुदायिक संक्रमण या तो नहीं हुआ है, या फिर हमारे पास इतने टेस्ट केंद्र नहीं हैं, जो ये बता पा रहें हैं| 

हालांकि जिस गति से संक्रमित व्यक्तियों की  संख्या में पिछले दो दिनों में  इजाफा हुआ है (१०० प्रति दिन) ,  रहा है कि हमारी स्वास्थ्य सेवाओं की पता करने की गति कुछ  कम है  | देखते हैं - इस हफ्ते में - क्या होता है |


I. Community transmission: When the level of infection increases, where one cannot trace out the incoming link of the infection in the affected patients. For example,  presently most of the coronavirus affected patients in India have contracted the disease from meeting or in being close contact with people who have returned from foreign travel in the last 1- 2 weeks. This means that, in India till now there is either no ‘community transmission’ or we do not have the resources (i.e. testing centres /kits) to identify it. Looking at the rise in the number of affected individuals in the past days (100 per day)   it appears that the testing ability was a bit less. We have to wait and watch what happens this week !

 २. झुण्ड प्रतिरोधकता  [हर्ड इम्युनिटी (Herd immunity) ]:  


यदि किसी बीमारी से दो चार होने के बाद किसी समाज के व्यक्तियों में  उस बीमारी के  प्रभाव को रोकने के लिये शरीर में कुछ वस्तुओं का सृजन होता है। ऐसी वस्तुओं को प्रतिपिंड  (antibodies) कहते हैं।  प्रतिपिंड तभी पैदा होते हैं जब उस  बीमारी के वाइरस उस समाज के बड़े हिस्से में आ तो जाए परन्तु  उन्हें बीमार न कर  पाएं  | इस तरह से उस समाज के बचे हुए लोग भी बीमारी से बचे रह जाते हैं - इसे झुण्ड प्रतिरोधकता कहते हैं|  

II. Herd immunity: After a person is affected by a disease, the body of the affected person produces certain substances (proteins) which protect the individual if he/she comes contracts with the disease. These substances are called antibodies and help in providing immunity from that specific disease for which it was produced. In case a large part of the population develops this disease or, in the future they are given vaccines they will have antibodies. In this way they will no more contract the infection and hence protect the other individuals who haven’t got the disease yet.



३. सामाजिक दूरी एवं संगरोधन (social distancing and quarantine/ isolation)



 संक्रामक रोग के प्रसार को रोकने के लिए अलगाव की स्थिति  को इन शब्दों से जाना जाता है|  संगरोधन या तो अस्पतालों में  किया जाता है या फिर  स्वत:-संगरोधन (self-quarantine) के लिए सुझाव दिया जाता है |  कुछ ऐसे लोग जिनको कोविद १९ से संक्रमित पाया जाता है किन्तु उनको कोई प्रभाव नहीं दीखता , उन्हें 14 दिनों के लिए प्रथक निगरानी   (quarantine) पर रखा जाता है ताकि यदि उन्हें इस दौरान कोई लक्षण दिखें तो सही इलाज दिया जा सके. 

इस समय इटली के बहुत सारे शहरों में लोगों को बिल्डिंगों में १४ दिनों के लिए  संगरोधित किया गया है , इसी तरह से आज बाहरवर्ष में सुबह ७ बजे से रात्रि ९ बजे तक "जनता कर्फ्यू " का आह्वान प्रधानमन्त्री जी   द्वारा किया गया था , जो की अक्षरतः सफल रहा | 

हाथ मिलाने के बजाय दूर से नमस्कार करना, इस हिसाब से - एक अच्छी आदतों  में है. शिक्षण संस्थानों में वीडियो व्याख्यानों द्वारा पढ़ाई तथा इसी तरह से इम्तहानों का लिया जाना इस समय की मांग है 


III. Social Distancing and quarantine/isolation
In order to stop the spread of the disease it is required to keep distance with other people and is known as social distancing. Quarantine can be done in hospitals or can be done by oneself (self-quarantine ). Presently, in many cities in Italy, many people have been quarantined in the buildings. Similarly, in India also on 22nd March 2019 a “Janata curfew” (people’s curfew”) was observed form 7am to 9pm which was suggested by the Prime minister, and was  quite successful.

To greet with a “Namaskar” from a distance instead of shaking hands has been considered as a good practice. Educational institutes are considering the need to deliver online video lectures as well as conducting similar online exams. 


४. वक्र समतलता (flattening the curve): 


पिछले एक महीने से भारत में इस बीमारी से संक्रमित लोगों की संख्या ३ से २०-४० तक रही|  जबकि पिछले दो दिनों में संख्या में प्रतिदिन ४०- से १०० तक का इजाफा हो गया|  इन दो संख्याओं को हम - दो तरह के वक्रों में  रख सकते है : पहले वाली समतल , जबकि दूसरी वाली खड़ी |  
 चूँकि  स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य गति से  आने वाली बीमारियों के लिये बनायी जाती हैं, अत: एकदम खड़ी  वक्र वाली बीमारियां स्वास्थ्य विभाग के लिए विकराल समस्या बन जाती है और स्थितियां महामारी (Pandemic) का रूप ले लेती हैं |  इसलिए वक्र समतलता बनाये रखने के लिए सरकारें "जनता कर्फ्यू "  या  लॉकडाउन  का सहारा लेती हैं.   हमारा कर्तव्य बन जाता है कि  ऐसे समय में  हम न सिर्फ सरकारों का पूरा सहयोग करें बल्कि घरों  से  से कम-से-कम निकलें .


IV. Flattening the curve: In the last month the population of corona patients in india has risen from 3 to 20-40. The number has increased from 40 to 200  in the last 2 days. The diseases can rise in two ways – (i).  very slowly (flat or almost no increase with time) , or (ii). drastically in a short period (exponentially).

As most of the people are generally healthy and the health care system of any country is designed  to tackle for the people who fall sick (generally slowly). When there is an exponential increase in the number of patients this leads to chaos in the society and hence causes a pandemic. Therefore, in order to keep the disease spreading gradually, the government has to takes steps such as ‘curfews’ or  ‘lockdown’ in the cities. This is in order to avoid the  curve to become steep. In such scenarios it is the responsibly of all individuals to cooperate and support the government while also avoiding to come out of houses. 

५. व्युत्पन्न प्रारुप वाले लोग   (Asymptomatic people): 
ये वो लोग होते हैं - जो बीमारी के संक्रमण  लिए हुए हैं किन्तु, उनके अपने प्रतिरोध  से उन्हें बीमारी नहीं हुई है, या फिर ठीक हो चुके हैं|   ये लोग भी बीमारी को फ़ैलाने का कार्य करते हैं |   चूंकि कोविद19 का वायरस  शरीर के अंदर १४ दिनों तक और स्टील या  प्लास्टिक की सतह पर ३ दिनों  तक  जिंदा रह जाता  है , इसका इलाज यही है कि ऐसे लोगों को १४ दिनों तक अलगाव की स्थिति  में  रखा जाय | 



V. Asymptomatic people: These are people who have contracted the disease, yet do not show symptoms or have recovered from the illness. They are still carriers of the infection. Since the covid – 19 virus can be inside the human body for 14 days while can remain in hard surfaces ( of plastic , metal ) for 3 days. Therefore, the ideal solution to prevent the spread of this disease is to quarantine people who have contracted or are probable to contract the disease. 


इस लेख को बनाने में अंग्रेजी के अखबार The HINDU (March 20, 2020) में  छपे एक लेख का उद्धृत करना उचित होगा : उस लेख के लेखक डॉ. सागर भट्टाड आदि हैं। 

आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए, और दूर-दूर रहने, अक्सर हाथ धोने की सलाह के साथ, 



प्रेम 


शुक्रवार, मार्च 06, 2020

होली है , कुमाऊं की होली, काली कुमाऊं, खड़ी होली, बैठी होली , Happy HOLI, Kumauni Holi, Kali Kumaun, Khadi holi

Baithaki holi: (collected on March 9, 2022)

होली है , कुमाऊं की होली, काली कुमाऊं, खड़ी होली, बैठी होली
Happy HOLI,  Kumauni Holi, Kali Kumaun, Khadi holi


 2 Other links on Kumauni Holi from this blog

1. Several holis

http://champawatsechennaitak.blogspot.com/2014/03/holi.html

2. Pd. Chhanu Lal Mishra:

शिव जी की होली-1: पंडित छन्नूलाल मिश्रा (link of 2009 from this blog)

http://champawatsechennaitak.blogspot.com/2009/05/blog-post.html

https://www.youtube.com/watch?v=RBievjUHLfE

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March 6, 2020
होली ( HOLI ):
था थइय्या थइय्या हो :

  • अरे कौन के हाथ रंगीलो ढप सोहै ,
     कौन के हाथ अबीर जोड़ी , था थइय्या थइय्या हो
    था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो

अरे राम के हाथ रंगीलो ढप सोहै ,
लछमन हाथ अबीर जोड़ी , था थइय्या थइय्या हो
था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो



  • अरे कौन के हाथ  कनक पिचकारी,
     कौन के हाथ अब्बीर जोड़ी , था थइय्या थइय्या हो 

था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो

अरे भरत के हाथ कनक पिचकारी,
शत्रुघन  हाथ अब्बीर जोड़ी ,था थइय्या थइय्या हो
था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो


  • अरे कौन राजा घर जनम लियो है?

कौन राजा घर ये जोड़ी,था थइय्या थइय्या हो
था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो

जनक राजा घर जनम लियो है
दशरथ के घर ये जोड़ी, था थइय्या थइय्या हो
था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो


  • अरे कौन समय सीता होरि  खेले 

कौन समय मैं ये जोड़ी, था थइय्या थइय्या हो
था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो

त्रेता में सीता होरि  खेले
द्वापर में है ये जोड़ी, था थइय्या थइय्या हो
था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो


  • अरे केसर घोल लियो बेलिया में 

  तिलक त राम लखन जोड़ी ,था थइय्या थइय्या हो
था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो


  • मात कौशल्या देत आशीषा, 

युग युग जीवै  ये जोड़ी , था थइय्या थइय्या हो
था थइय्या थइय्या होत बिंद्राबन में, था थइय्या थइय्या हो


थैय्या थैय्या होत बिंद्राबन में।


इसी तर्ज पर एक और होली,

"उठ भारत राम मिलन आये, उठ भारत हो. .......


{और बाकीं - राम और सीता की कहानी. }


शुभकामनाओं के साथ
प्रेम , मार्च ६ , २०२० 

मंगलवार, फ़रवरी 04, 2020

कोरोना वायरस

नए कोरोना वायरस का ख़ौफ़
(Novel corona virus, कोविद19 यानि covid19).

2019-nCoV यानि  कोविद19: २०१९ में पहली बार पाया गया वायरस जिसका नाम "कोविद19" है|  इस लेख को लिखने  तक दुनियां के करीब करीब सारे  महाद्वीपों में पहुंच गया है |  इसका श्रेय आप आज की तेज जीवन शैली जिसमें  हवाई यात्राओं की सुविधा का बहुत महत्व है, को दे सकते हैं | 

 Novel corona virus (covid19) is a new strain of coronavirus that has not been previously identified in humans. The new, or “novel” coronavirus, now called covid19, had not previously detected before the outbreak was reported in Wuhan, China in December 2019.

इस समय  (यानी ४ फरवरी २०२० के रात के ८ बजे ) चीन में करीब बीस हजार लोग इसकी चपेट में  आ चुके हैं. चीन ने ३ दिन में  एक १००० बैड वाला एक अस्पताल बना दिया है- जो चालू हो गया है |  केरल में  ३ लोगों की शिकायत आयी है | केरल ने इसे महामारी के रूप में  घोषित कर  दिया है | 
हिन्दुस्तान में करीब ८०००० लोगों को स्कैन किया गया है 

भारत के विदेश विभाग ने चीनी लोगों के सारे वीसा निरस्त कर दिए हैं|  उन और विदेशियों को भी भारत भ्रमण पर प्रतिबंध लगा दिया है- जो पिछले दो हफ़्तों में  चीन के दौरे पर थे. 

अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ संगठन के मुताबिक कोरोना वायरस के लक्षण  बुखार, खांसी, और सांस लेने में तकलीफ हैं | 
https://www.who.int/news-room/q-a-detail/q-a-coronaviruses
 ये भी बताया गया है कि अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना हैं | 

अगर आपको याद होगा तो कुछ १० साल पहले  स्वाइन फ्लू नामक बीमारी से हिदुस्तान में ऐसा ही कुछ हंगामा किया था |  पूना में  अपने बारे  में  पता करने के लिए इतनी लम्बी लाइनें लगी थी कि  लोगों का नंबर ही नहीं आया |  उस समय जाने माने डाक्टरों ने कुछ साधारण सी तकनीकैं बताई - जैसे 
रोज 
१. घर आते ही हाथों को साबुन से धोये. 
२.  गुनगुने नमक-पानी  से गराले करें.  
३. गुनगुने नमक-पानी  से नाक के अंदर थोड़ी सी सफाई जरूर करें. 
४. यदि जुकाम खांसी हो- तो ध्यान रखें ,  घर पर आराम करें.  खाना खाएं | 
५. जुकाम -खांसी वाले मनुस्य से दूरी बनाये|  

याद रखें - कि  वायरस वाली बीमारियां दवाओं से नहीं जाती ,  (जुकाम एक वायरस की बीमारी है) , इसके लिए ठीक ठाक  खाना  खाएं और घर पर आराम करें |  करीब -२ ३ से ४ दिन में  ठीक होना चाहिए. 
[मार्च २०२०:  ये पता चला है कि  कोविद १९ से ९-१०  दिन लग जाते हैं ठीक होने में ]

इसी तरह की देख रेख से इस बीमारी से भी निजात पायी जा सकती है. 

अच्छे स्वास्थ्य की शुभकामनाओं के साथ ,



प्रेम 
फरवरी ४, २०२० 

सरस्वती मया दृष्टा वीणापुस्तक धारिणी

सरस्वती मया दृष्टा वीणापुस्तक धारिणी |
हंसवाहन संयुक्ता विद्या दानं करोतु मे||

प्रथमम्भारती नाम द्वितीयञ्च सरस्वती। तृतीयं शारदा देवी चतुर्थं हंसवाहिनी।। पञ्चमन्तु जगन्माता षष्ठं वागीश्वरी तथा। सप्तमञ्चैव कौमारी चाष्टमं वरदायिनी।