सोमवार, अगस्त 01, 2011

Mentor and mentee (सलाहकार एवं शिष्य )

 सलाहकार एवं शिष्य

ये कहानी एक सलाहकार (Mentor) एवं उनके शिष्य (Mentee) के बारे में है (ये दिखने के लिए कि ये काम कितना मुश्किल है):

एक शिकारी जंगल में  शिकार करने निकला.  टेंट वेंट ले के- दो एक दिन के लिए.

अचानक टेंट के पास ही एक शेर आ गया. शिकारी ने फट से बन्दूक ली, निशाना लगाया, और गोली भी दाग दी.
उसी समय शेर ने छलांग लगाई और गोली तो पास से निकल गयी, लेकिन शिकारी भी उसके चंगुल में आते-आते बच गया.
खैर , किसी तरह से शिकारी टेंट मैं वापिस पहुंचा.  
दूसरे दिन सुबह शिकारी अपनी बन्दूक निकाल कर ये प्रक्टिस कर रहा था कि कैसे शेर पर पक्का निशाना साध सके.   उसने अपने पीछे की तरफ देखा-   देखा कि वहां शेर भी ये प्रक्टिस कर रहा है कि कैसे गोली से बचे और उसकी छलांग ठीक लगे!
प्रेम , 1 aug. 2011
(प्रो.  के . के. (CH,IITM से सुनी )

गुरुवार, जुलाई 07, 2011

20-20 cricket tournament in Champawat


My house is located in a small village DARAH about 500 meters beyond this place.  I also played football/ cricket in those fields during my childhood.  After about 35 years, this photograph is taken by me while going to market to get some essential items.  While playing in those fields, I used to keep a close watch on this path such that I reach home before my father (from the market).  Rarely I could do it easily, provided that the game did not involve us to the extent it usually does.

But I myself am amazed at this scene.  This so called cricket field is not at all a field.  These are the staircase type small fields, which are used by these men (many of whom are undergraduates) as a cricket field for a full-fledged 20 day 20-20 cricket tournament.  It is about 2:30 PM and there are a number of spectators enjoying the game.  I was told that there is some entry fee and the teams taking part are from various parts of the Champawat (Tilon, Chakku, Bazar, etc etc.).  Cheers!

Prem

शुक्रवार, जून 24, 2011

About savidya : Experiences of Ritesh:

A B. Tech student Ritesh Tiwari worked for SAVIDYA in the science center at Champawat for about 6 months as a volunteer.  He has written his  experiences in the following link (his own blog: CHAUPAL).
http://riteshcmp.blogspot.com/2011/03/blog-post_26.html

Prem
(On way to Jabalpur at Mumbai)

बुधवार, जून 22, 2011

Lectures at Champawat (World environment day)

 हिमालय के गाँव के नलों में पानी के बजाय हवा आती है. 
यहाँ की हवा बदलती है तो अमेरिका को भी चिंता हो जाती है.
इस तरह की बातें पाठक जी बताते थे. 
SAVIDYA (HIMWATS) की कार्य रेखा के अंतर्गत मुझे एक सेमिनार के  आयोजन का गौरव प्राप्त हुआ:
CELEBRATING WORLD ENVIRONMENT  WEEK:
Lectures by ARIES, NAINITAL Scientists Dr. Wahab Uddin & Dr. Umesh Dumka at Champawat GIC. 1 June.2011- 
1. Dr. Wahab Uddin speaks on “Solar activity and Space Weather”
and 
2.Dr. Umesh Chandra Dumka speaks on
“Earth atmosphere and atmospheric aerosols and their climate impact”
3. I spoke on lasers and possibility of Alumni Association of GIC Champawat. SHG of Nd:YAG laser and a diode laser were demonstrated.
     In the picture: Dr. Wahab giving his lecture. 


[Before starting the seminar, the secretary of Savidya, my elder brother (a retired faculty of IITK) Prof. Bist enlightened the audience on the activities of schools, science day, world environment week and various aspects of Savidya (under ASHA for education.] 
Actually the world environment day was also celebrated in various schools on Saturday 4th June (as 5th June was a Sunday) by lectures of several teachers at various schools supported by SAVIDYA.




इसी ब्लॉग पर पुराणी पोस्ट देखें:


http://champawatsechennaitak.blogspot.com/2009/06/blog-post.html

मंगलवार, जून 21, 2011

Brook Hill Hostel


ब्रुक हिल हॉस्टल:
१. इसको लोग बुर्खिल होसटिल भी कहते थे.
२. शाम को फील्ड में क्रिकेट खेलते थे.
३. मैस में खाने की सुबह जल्दी और शाम को बड़ा इन्तेजार रहता था. वैसे मैस कम ही चलती थी, कमरे में बनी चाय और खाने का मजा ही और था.
४. पूरे ११ साल तक हमारे चीएफ़ वार्डेन साहिब डा. जगदा ही थे. भले आदमी थे.
५. दो चाय की दुकाने थीं. बहुगुणा की और ठाकुर की. कभी एक  के पास ज्यादा उधार हो जाए, तो फट से दूसरे को पहले दिन नकद दे देते थे.   कमरे में चाय पहुचाने ठाकुर साब का बफादार छोटा लड़का था.  उसकी बड़ी याद आती है. 
६. सड़क के पार एक चर्च था. हम वहां एक्साम टाइम में पढने जाते थे. 
The nostalgic photographs from Brook Hill Hostel Nainital:

गुरुवार, जून 16, 2011

नोर्थुब्रिया युनिवेर्सिटी के लाइफ साइंसेस के वैज्ञानिकों ने कुछ लोगों को करीब ३०० कप चाय पिला -पिला के सबसे जायकेदार चाय का ए़क फार्मूला तैयार किया है, लीजिये पढ़िए:
http://www.sciencenewsblog.com/blog/६१५११४

वैसे फार्मूला ( साभार उपरोक्त लिंक) ये है:
Instructions for a Perfect Cup of Tea
  • Add 200ml of boiled water to a tea bag (in a mug).
  • Let the tea bag brew for 2 minutes.
  • Remove the tea bag.
  • Add 10ml of milk.
  • Wait 6 minutes before drinking to allow tea to reach optimum temperature of 60ºC (140ºF)

मंगलवार, जून 14, 2011

इज बौज्यू कि देली: पहाड़ी कहावतें old sayings form hills

"इज बौज्यू कि देली हौली-चौलि। "
देली से मतलब देहरी (entrance) से है।
ये ए़क पुरानी कहावत है। इसमें लडकी अपने माता-पिता के जीवित रहते हुवे माइके जाने पर मिलने वाले प्यार, दुलार का बखान कर रही है।
इसकी क्रमश: दूसरी और तीसरी लाइन जटिल होती जाती हैं। इस बार जब दाज्यू ने हमारी दादी के बारे में बताया तो यह भी बताया कि दादी इस कहावत को कहती थीं। वह इसलिए भी था, क्योंकि दादी के माता-पिता, और भाई-बहन कोई नहीं बचे थे। हालाकिं दादी करीब १०० साल के बाद भगवान् को प्यारी हुई।

सवाल ये है कि दूसरी और तीसरी लाइन हैं क्या?

पहाड़ी कहावतें
old sayings form hills

शनिवार, अप्रैल 30, 2011

हिग का बोसोन: (Higg's Boson)

फ़्रांस और स्वित्ज़रलैंड की सीमा के आर पार बने इस विशालकाय और सबसे नयी तकनीकों के इस्तेमाल से बने प्रयोग का ए़क मुख्य मुद्दा वैज्ञानिकों की उस कल्पना को सिद्ध करना हैं जिसके तहत उनको ए़क यैसे भारी - भरकम कण को खोज निकालना है, जिससे द्रब्यमान का रिश्ता बनाया जा सके। बस! फिर क्या है? प्रयोग चल रहा है, इतना माल (डाटा) निकल रहा है कि दुनियां भर के कम्पुटर उनको एनालईस करने में जुटे हैं। पिछले हफ्ते ए़क अफवाह फ़ैल गयी । पढ़िए इस लिंक में
लेकिन फिर अमेरिकन फिजिकल सोसाइटी की TWEET देखिये:
साभार : इस लिंक से:
http://www.facebook.com/apsphysics/posts/१०१५०२३९७७८९५७९५२

Physics Humour on recent rumours!

A Higgs Boson strolls into a Catholic church on Sunday, and the Priest
walks up and says, 'You can't be in here you are not real and you don't
exist! And the Higgs Boson says 'Well, if I don't exist then how will you
have mass?

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Prem

शनिवार, अप्रैल 16, 2011

Fukushima Nuclear Crisis (fukusimaa parmaanu sankat)

Canadian chemistry society organised a seminar which was webcast on 13th April 11 on the problems of nuclear reactors, specially faced by FUKUSHIMA in Japan।
It is educational to go through at least first hour of the following seminar: There are about ४ lectures of the experts।

This is the link of the YOU TUBE
http://www.youtube.com/sfunews#p/a/u/0/saM85y8lFm4

All this was done at Simon Fraser University। Cheers!

शनिवार, अप्रैल 02, 2011

राम रहीम एवं रावण

ICC cricket world cup ke ऊपर सारा हिन्दोस्तानऔर दुनिया भर में फैले भारतीय पागल हैं।
सेमी फ़ाइनल की जैसे- तैसे आई जीत (अपने छुटभैये से छीन के ) और आउट ही नहीं होने वाले श्री लंका के खतरनाक (मुरली समेत) खिलाडियों के सामने पड़ने से परिणाम का अहसास सभी को है।

ऐसे में फेसबुक में ए़क जबरदस्त कमेन्ट दिखाई पड़ा है: पेश है:
(किन्हीं राघव साहब का स्टेटमेंट है: साभार "फेसबुक" )

"राम रहीम के चक्कर में कहीं रावण न कप ले जाये! "
वाह राघव जी वाह, क्या बात है!
भूरि- भूरि- जियो!

प्रेम २, अप्रैल, २०११, ११:३८ ऍम ईस्ट.

शनिवार, मार्च 12, 2011

जापान में भूकंप और सुनामी

जापान के सेन्डाई शहर के पास समुद्र में आये विनाशकारी भूकंप के बाद उठी सुनामी ने सारे संसार को हिला के रख दिया है। इस बार पहली बार सारे संसार ने अपने टीवी सेटों में सुनामी की सीधी तस्वीरें और चलचित्रों को लाइव देखा। और देखा कि प्रकृति के आगे कितना बेबस हो जाता है इंसान।
समुच विश्वा इस समय जापान के साथ है। देखना ये है कि जापान कितनी जल्दी इस तबाही से उबरता है।

प्रेम
१२ मार्च 2011

शोध छात्रों के लिए एक राय

हमारे देश में शोध छात्रों की स्थिति बड़ी दयनीय होती है। उसके बहुत सारे कारण हैं। वैसे ये समस्या समूचे संसार के शोध छात्रों की है। इसीलिए ये लेख इन बातों को ध्यान में रखने की बात करता है: पढ़िए यहाँ

http://chronicle.com/article/What-I-Tell-My-Graduate/126615/

Prem
मार्च १२, 2011

सोमवार, फ़रवरी 28, 2011

शुक्रवार, फ़रवरी 18, 2011

नयी सोच विश्वविद्यालयों के लिए

यह लेख अमेरिका की वित्तीय स्थिति को ही ध्यान में रखकर लिखा गया है। इसमें हमारे अपने desh में चल रही ए़क कंपनी "अश्मर" का ज़िक्र है- यह बात बड़ी संतोषप्रद है कि अश्मर के काम की तारीफ़ की गयी है। विस्वविद्यालयों / संस्थानों के लिहाज़ से ये लेख इसलिए अच्छा है क्योंकि ये उस बात की तरफ इशारा करता है जहाँ न सिर्फ ऊंचे दर्जे के शोध करने की जरूरत है, बल्कि 'दुनियां में क्या ho raha है? - usaka jaanna jyada जरूरी है। इसके लिए, हमारे देश के उच्चतर कक्ष्याओं के छात्रों का कम-से-कम literature survey -में ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाना चाहिए। ये बात साफ़ है कि इस समय इन्टनेट के जरिये सर्वे काफी आसान ho गया है.
फिलहाल क्लिक करें : यहाँ
http://triplehelixinnovation.com/could-offshoring-the-management-of-university-inventions-create-u-s-jobs/1077

प्रेम
१८ फरवरी २०११

गुरुवार, दिसंबर 30, 2010

अमेरिका में अब रील नहीं धुलेगी!

याद है वो जमाना? जब black and white फोटोग्राफी से कलर फोटोग्राफी के प्रिंट लाजबाब लगते थे?
साहब अब अमरीकी भाई बहनों को रील धुलने के लिए कहीं और जाना पड़ेगा, क्योंकि आखिरी फोटू की दुकान बंदहोने वाली है ये पढ़िए।
http://www.nytimes.com/2010/12/30/us/30film.html?_r=2&nl=todaysheadlines&emc=tha23
घबराइए नहीं, आपकी डिजिटल फोटोग्राफी ज्यों की त्यों रहेगी।

प्रेम
३० दिसंबर २०१०

शनिवार, दिसंबर 25, 2010

रूबिक क्यूब को रोबोट १५ सेकंड में हल करता है

http://www.newscientist.com/blogs/nstv/2010/12/robot-solves-rubiks-cube-in-15-seconds.html


रूबिक क्यूब को रोबोट १५ सेकंड में हल करता है। लीजिये देखिये इस पूरे प्रक्रम में, ए़क कैमरा क्यूब को देखता रहता है। क्यूब के सारे फलकों की जानकारी कैमरा ए़क कम्पूटर को देता रहता है। रोबोट का हाथ कम्पूटर से निर्देश लेते हुए, क्यूब को बिना छोड़े हुए घुमाता है। कम्पूटर में गणित के नियमों का ए़क प्रोग्राम इन निर्देशों को देता है।
ये पूरा रोबोट अमेरिका के न्यू जेर्सी के रोवन विश्वविद्यालय के दो छात्रों Zachary Grady और Joe Ridgeway, के द्वारा बनाया गया है। Cheers!

प्रेम
२५ दिसम्बर २०१०

शुक्रवार, दिसंबर 17, 2010

पापा स्पेस को स्पेस क्यों कह्ते है -पता है?

प्रश्न: स्पेस को स्पेस क्यों कहते है?
उत्तर: क्योंकि जब अंतरिक्षय यात्री बाहर अपने बैक में पाइप लगा के कुछ करने जाते हैं, तो बाहर बहुत स्पेस होता है.

[समीर , १७ दिसंबर]

गुरुवार, दिसंबर 16, 2010

देर आये दुरुस्त आये: "लोकतंत्र एवं सांस्कृतिक विविधता"


जब भी मैं यूरोपी देशों के दोस्तों से बात करता हूँ, उनको ये याद आ ही जाता है कि भारत और यूरोपीय संघ में कितनी समानता है। भारत के बारे में ये बात कब से सच है - ये बताने की जरूरत नहीं। लीजिये देखिये आखिरकार ए़क सेमिनार का आयोजन इस विषय पर भी हो ही गया:


प्रेम

मंगलवार, दिसंबर 14, 2010

भोतिक विज्ञानं (PHYSICS) पढ़ने के बारे में

Physics का अपना मजा है। क्यों ? कैसे? पढ़िए इस लिंक में :
http://www.guardian.co.uk/science/blog/2010/dec/13/physics-teachers-shortage

इस लेख में बात विलायत की हो रही है. अपना हिंदोस्ता कोई पीछे नहीं है।

प्रेम

शनिवार, दिसंबर 11, 2010

श्री चन्द्र बल्लभ पांडे का महाप्रयाण



बड़े ही खेद के साथ ये सूचना मिली कि मेरे ससुर और प्रिय मित्र चन्द्र बल्लभ पांडे जी का कल शाम उनके जज फार्म निवास पर देहावसान हो गया। स्वर्गीय श्री पांडे, मेरे अन्तरंग दोस्त अशोक पांडे (कबाडखाना ब्लॉग वाले) (http://kabaadkhaana।blogspot.com/) के पिता जी थे। हमारा पूरा परिवार अशोक और उनकी माता जी, भाई एवं बहनों के परिवारों को इस बड़े दुःख का सामना करने में उनके साथ पाता हैं.
भगवान् पांडे जी की आत्मा को शान्ति प्रदान करे।
श्रधांजलि !


प्रेम

रविवार, नवंबर 21, 2010

सुना है तेरी महफ़िल में रतजगा है!

लीजिये ये रही करीब करीब आपकी रात की दुनियां ,
जब आप सोते हैं तो कोई जाग रहा है, ऊपर, बहुत ऊपर:

इधर क्लिक कीजिये, और खो जाइये, इस असली संसार में, जो ऊपर से बहुत ही खूबसूरत दिखता है:

http://www.dailymail.co.uk/sciencetech/article-1328467/Spectacular-night-time-photos-Earth-taken-space-station.html
प्रेम

शिव जी की होली ( Bhajan ) CHHANNU LAL MISRA

पंडित जी (पंडित छन्नू लाल जी) के स्वर में "लाइव" [मुझे जो पसंद है]

http://podcast.hindyugm.com/2009/03/khelen-masane-mein-hori-digambar.html



इसी ब्लॉग पर इसके पद देखें:

http://www.blogger.com/post-edit.g?blogID=2561897409632747828&postID=6654214968758102178

प्रेम

  keywords : HOLI,  Pandit chhanulal ji. shiv ji ki holi

गुरुवार, नवंबर 11, 2010

उनको प्रणाम!

बड़ी संवेदनशील कविता है. बाबा की।
जरा आप भी अपने उन पलों की याद में खो जाए, जिनको इसमें इंगित किया है:

लिंक ये है धन्यवाद (अशोक से)

http://kabaadkhaana.blogspot.com/2010/11/blog-post_473.html

प्रेम
११ नवेम्बर २०१०

शनिवार, नवंबर 06, 2010

दीपावली पर कुछ और



उत्तराखंड में दीपावली के (महालक्ष्मी के ) ऐपण:
ये दोनों फोटो चम्पावत से भेजे गएँ है (मादली से):


-प्रेम

शुक्रवार, नवंबर 05, 2010

दीपावली के MAIL, SMS

खुशियाँ हों फुलझड़ी सी चमकदार
सफलता हो रोकेट से ऊंची
मस्ती हो बम सी धमाकेदार
WISHES मिलें पूजा से असरदार
शुभ हो आपका दीवाली का त्यौहार (१)। चम्पावत से।



दीपावली की शुभकामनायें


Happy Deepawali
Here is a "deewali 8" representing the return of deepawali again and again with happiness and excitement, flickering!.


दीपावली की शुभकामनायें!
सांकेतिक रूप से दीवाली के हर साल, बार-बार जोशो-खरोश से आने , चमकते हुए आने को दिखाता अरेबिक में लिखा ये ८.
Prem
Nov. 5, 2010