रविवार, अप्रैल 26, 2020

26 April : During the 2nd lock down, Random photos/ informations कोविद १९ (२०२०): कोरोना महामारी

कोविद १९ (२०२०): कोरोना महामारी 
 Covid 19 (2020) corona pandemic 

हाथ मिलाने का फैशन लगभग खत्म होने को है - ये फोटो इसी दौरान टाइम्स ऑफ़ इंडिया से ली है :

१,  अप्रैल के दौरान खाली सड़कें  (चेन्नई IIT )







२. वातावरण की शुद्धता  (दिल्ली): इस दौरान प्रदूषण का स्तर  पिछले दशकों में सबसे कम रहा |











३. पूर्ण बंदी में घर ना जा सकने वाले मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था  एवं योग : सरकारी स्कूलों में स्थानीय लोगों (NGO ) द्वारा (चम्पावत में)


४. पूर्ण बंदी के दौरान टेलीविजन पर सिनेमा : मुगले आजम में -पृथ्वी राज कपूर,  (दिलीप कुमार) और   मधुबाला : 



५. रघुराम राजन (अर्थ व्यवस्था पर ), राम एवं रावण (रामायण के ३० साल बाद के पु न: प्रसारण पर )



 ६. इसी दौरान वैशाखी एवं तमिल नया साल मनाया गया (पुत्तण्ड वारथंगाल ).  इस बाएं फोटो में  सन   २०२० के साथ साथ विक्रम संवत २०७७, राष्ट्रीय शाके  १९४२ तथा हिजरी सन १४४१ भी है |   दायां  फोटो इस दौरान होने वाली ऑनलाइन  शादी का है |



७. इसी तरह से हमारे परिचित के यहाँ सुपुत्र का नामकरण व्हाट्सप्प द्वारा किया गया |  कुमाऊं में घर में  पंडित एवं गाने आदि - और चेन्नई में  उनके घर में  नामकरण , हमारे परिवार ने हमारे घर से उसमें शिरकत की|

८. शोध छात्रों की थीसिस जमा होना , उनका VIVA  भी ऑनलाइन हुआ - उदाहरणार्थ - पॉन्डिचेरी में शोध छात्र, दिल्ली में परीक्षक , चेन्नई में अपने-अपने घरों में  मौजूद मेम्बरान तथा बांकी लोग करीब २८ लोगों ने शिरकत की.  ये ऑनलाइन पढ़ाई के अलावा  है जिसमें सिर्फ एक शिक्षक व्याख्यान देता है  और छात्र सुनते हैं |

९. आजकल के अखबार या न्यूज चॅनेल "रोड टु  रिकवरी " टाइप की खबरों से भरे रहते हैं :
बांकी फिर कभी ,


भारत में  कोरोना से सम्बंधित सरकार द्वारा जारी जानकारी के लिए यहाँ देखें 
https://www.mygov.in/covid-19

click here for the updates on corona disease by Indian government.
https://www.mygov.in/covid-19

इससे सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारियां यहाँ पर देखें :
https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/about/index.html


प्रेम २६ अप्रेल २०२० 




Korona time: why we should write our experiences, कोरोना के इस काल में हमने क्यों अपने अनुभव लिखने चाहिए.

Korona time: why we should write our experiences

कोरोना के इस काल में  हमने क्यों अपने अनुभव लिखने चाहिए.

१०० साल का समय, मानवता के लिए  वैसे तो बहुत नहीं होता, लेकिन फिर भी यह निम्न लिखित तरीके से देखा जाय तो बहुत होता है |  उदाहरणार्थ इसमें एक मनुष्य अपने दसियों जनमबार, कुछेक शादी-वादी की (अपनी या दूसरों की ) स्वर्ण जयंतियां या कम से कम रजत जयंतियां तो मना ही लेता है |

कुछ सामान्य सी बातें  है- हर दस साल में  बदलाव देखने को मिलते हैं, जैसे हर पांच साल में  सरकारें बदलती हैं, हर दस साल में सरकार अपने कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग  गठित करती  है |   हर पांच साल में  कई  डिग्रियां  मिलती हैं | हर पंद्रह साल में  हर एक बच्चा बड़ा हो जाता है ' अगले बीस सालों के अंदर बच्चों का परिवार बन जाता है आदि आदि |

करीब सौ साल पहले राईट भाइयों ने हवाई जहाज में पहली बार उड़ान भरी - आज के दिन में  अनेक  क्षेत्रों में  बगैर हवाई यात्रा के काम काज चल ही नहीं सकता है |

पिछले सौ सालों में  भारत में बहुत सारे शिक्षण संस्थान खुले , उनमें से कई इस समय अपने पचास या उससे भी ज्यादा साल के हो चुके हैं |  इन संस्थानों में  पढ़े -लिखे लोगों ने दुनियां में  कई क्षेत्रों में  योगदान दिया है |

मैं  नैनीताल के DSB कैंपस का पढ़ा हूँ. आज यदि मैं  उस कैंपस की रजत जयंती स्मारिका के बारे में  कालेज की पत्रिका के अलावा किसी और से कुछ जानना चाहूँ, तो ये संभव नहीं.  किसी ने कोई फोटो खींचा भी होगा तो उसका कोई डिटेल नहीं होगा या वो फोटो कूड़े में  जा चुकी होगी क्योंकि फोटो खींचने वाला  मर खप गया होगा| पता नहीं सन १९७५-१९८० के अखबार कहीं मिलेंगे? होंगे तो क्या सुरक्षित होंगे?  उस समय डिजिटल स्टोरेज भी नहीं था |

अब माना कोई विधार्थी आज उस रजत जयंती के बारे में  एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बना रहा होगा तो उसकी रिपोर्ट में,  उक्त स्मारिका से हटकर कुछ नया होगा , इसकी कल्पना करना भी उचित नहीं है|

इसीलिए अब कुछ डाटा :
आज यानी २६ अप्रैल को जब दुनियां में  करीब २ लाख लोग कोरोना से अपनी जान गवां चुके हैं, कुल ३ करोड़ के लगभग इस बीमारी से ग्रसित हैं.
भारत में  आज पूर्णबंदी का ३३वां दिन है | कुल २६४९६ संक्रमित लोगों में भारत के ७३४ जिलों में  से  २७ जिले ऐसे हैं, जो ६८% का योगदान कर  रहे हैं |
२०% संक्रमण मुंबई , पूना एवं ठाणे से हैं |  ७००० लोग महाराष्ट्र में, जिसमें ५००० लोग सिर्फ मुंबई में  हैं |
६४ पुलिस वाले महारास्ट्र एवं ३२ दिल्ली में  कोरोना संक्रमित हैं |

तमिलनाडू में करीब १८०० कोरोना के मरीज पाए गये हैं | चेन्नई में करीब ५०० लोग संक्रमित हैं |

चेन्नई में  आज से २९ अप्रैल तक तीव्र पूर्ण बंदी लागू की गयी है |  इस चक्कर में  कल सब्जी तथा किराने की दुकांनों  में काफी लम्बी लाइनें लग गई.

दिल्ली के एक अस्पताल (वाडा )  को बंद कर दिया गया है क्योंकि उसकी एक नर्स को संक्रमित पाया गया है |
प्लाजमा थेरपी जो की एक पुरानी तकनीक है, का इस्तेमाल दिल्ली के अस्पतालों में आरम्भ कर दिया गया है , ये माना जा रहा है कि  इससे कोरों बीमारी से लड़ने में  मदद मिलेगी |

[ये सारी सामग्री आज के अखबारों एवं  न्यूज़ चैनलों से जुटा ई गयी है ]


भारत में  कोरोना से सम्बंधित सरकार द्वारा जारी जानकारी के लिए यहाँ देखें 
https://www.mygov.in/covid-19

click here for the updates on corona disease by Indian government.
https://www.mygov.in/covid-19

इससे सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारियां यहाँ पर देखें :
https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/about/index.html


प्रेम अप्रैल २६, २०२०














शुक्रवार, अप्रैल 24, 2020

कोरोना के सिर्फ 5% मरीजों को वेंटीलेटर की आवश्यकता


चिकित्सकों  के अनुसार (डॉ. गुलेरिया,  सन्दर्भ: AIR news, 8 AM , 24/4/2020 ) 

(अ).  100 में से 80 लोगों को इस बीमारी के  लक्षण ना  के बराबर होते  हैं, उन्हें किसी इलाज की जरूरत नहीं पडती है |
 (ब). 15% लोगों को आक्सीजन की आवश्यकता होती है |


(स).   5%  बीमार लोगों को ही गहन चिकित्सा कक्ष्य में ले जाने की आवश्यकता होती है, जहाँ वेंटीलेटर का इस्तेमाल होता है | 

इस सन्दर्भ में ये बात नोट करने लायक है कि -ज्यों ही किसी को जुकाम जैसी शिकायत हो, उन्हें तुरंत स्वास्थ्य कर्मी को इत्तला करनी चाहिए , ताकि समय पर इलाज मिल सके.  उपरोक्त के अनुसार आप देखेंगे कि  हो सकता है मरीज उन 15% लोगों में हो.
प्रेम
अप्रैल २४, २०२०

सोमवार, अप्रैल 20, 2020

कोविद १९ से सम्बंधितपूरे विश्व की जिले-वार ताजातरीन रिपोर्ट : LIVE Report COVID19 Wordwide

कोविद १९ (corona) से सम्बंधित पूरे विश्व की जिले-वार ताजातरीन रिपोर्ट

The live report of the corona virus cases (infected, recovered and related cases) is given at the following link. As on date (April 20, 2020) there is no corona case in Champawat district.

https://www.orfonline.org/covid19-tracker/?b

आज सुबह 7 बजे तक (२० अप्रैल २०२०) चम्पावत जिले में इस रिपोर्ट के अनुसार कोई भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति नहीं है |

Prem
20.04.2020

रविवार, अप्रैल 12, 2020

झुण्ड प्रतिरोधकता यानि हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity)

झुण्ड प्रतिरोधकता यानि हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity)

जिस प्रकार  से दुनियां में  कोरोना वाइरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है , उसमें इस समय कोई अंत नजर नहीं आता |  तीन सप्ताह का लॉक डाउन  समाप्त होने को है और ऐसा लगता है की सामान्य जीवन चर्या अगले २ से तीन महीने तक (यानी जून -जुलाई तक ) ही प्रारम्भ हो पाएगी.  जिस तरह से भारत में  कोरोना संकट यूरोप के कुछ देशों के बाद आया उसी का परिणाम है कि  आज हम इससे थोड़ा बेहतर तरीके से निपटने की स्थिति में  हैं, अन्यथा परिणाम कुछ और ही होते.

भारत के सन्दर्भ मैं दो बातें महत्व पूर्ण लगती हैं :
पहली  झुण्ड प्रतिरोधकता  और दूसरी एंटीबाडी टेस्ट  (Herd immunity and Antibody test)
जैसा कि कुछ दिन पहले कोरोना से सम्बंधित शब्दावलियों में  मैंने इसका जिक्र किया था,  इसका सम्बन्ध एंटीबॉडी  (प्रतिपिंड)  से है | ये प्रतिपिंड शरीर में तभी पैदा होते है , जब उस बीमारी से कहीं न कहीं मनुष्य का सामना हुआ हो - यानि आप किसी न किसी  ऐसे व्यक्ति के संपर्क में  आये हैं, जिसे वह बीमारी हुई हो, या कम से कम वह भी सम्पर्क में  आया हो.  इसका मतलब ये हुआ कि  जब धीरे धीरे सारा समाज इस वाइरस के सम्पर्क में  आ जाय, तो शरीर में प्रतिपिंड बनने से आपको ये बीमरी नहीं होगी, ठीक वैसे ही, जैसे पोलियो या ऎसी ही बीमारियां अब समाज से हट गयीं है, क्योंकि उनके टीके (यानि  प्रतिपिंड) पहले ही शरीर में  पहुंचा दिए गए हैं |

इसी से सम्बन्धी दूसरा नाम है प्रतिपिंड जाँच (antibody test) :  संक्रमित रोगी (जरुरी नहीं कि रोगी अत्यधिक बीमार हो ) को पहचाने के लिए किसी व्यक्ति के गले या नाक से द्रव  लेकर उसे दो तीन दिन के लिए कल्चर किया जाता है ताकि उसमें से वायरस के RNA को पहचाना जा सके |  इसके विपरीत प्रतिपिंड टेस्ट में  किसी भी व्यक्ति की ऊँगली से निकाले गए थोड़े से खून की नन्हीं सी बूँद से १० मिनट के अंदर ये पता चल जाएगा कि उस ब्यक्ति में प्रतिपिंड बन चुके हैं या नहीं | यह टेस्ट सीरम विज्ञान के अंतर्गत आता है|

कुल मिलाकर हम ये कह सकते हैं कि  हर्ड इम्युनिटी के उपरांत ही जीवन सामान्य हो पायेगा , तब तक क्या क्या हो चुका  होगा , इसका अनुमान लगाना इस समय तो  मुश्किल  है.


Prem, April 12, 2020

भारत में  कोरोना से सम्बंधित सरकार द्वारा जारी जानकारी के लिए यहाँ देखें 
https://www.mygov.in/covid-19

click here for the updates on corona disease by Indian government.
https://www.mygov.in/covid-19

इससे सम्बंधित वैज्ञानिक जानकारियां यहाँ पर देखें :
https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/about/index.html

शुक्रवार, अप्रैल 10, 2020

Does covid 19 spread through air?

Does covid 19 spread through air?

 SARS-CoV-2  (Severe acute respiratory syndrome) or covid 19 is the talk of the universe as on date.  Most of the countries are under lockdown for many many weeks. The city of Wuhan (China) has opened after 11 weeks of shut down- which also shows an example that the disease can be controlled.

One article in nature  (April 2020) describes the controversy about the spread of covid19 through air.  Scientists do not agree on this. Except a few lab-experiments  on imaging a sneezing, there are not much data as of now. Therefore, all the governments have suggested to wear a mask (just to cover the nose and mouth). The mask can be a simple cloth. This is supposed to stop the aerosols or the small droplets in which the virus is travelling in the air.

Covid19 has a size of about 100 nm {RNA length of 30 base pair (bp) with 1bp containing about 1000 nucleotides}.  This means 2 micrometer diameter droplet (the size known as an aerosol) cold contain about 1000 of these viruses (along with the water content of the aerosol).  These aerosols will last for about 3 hours in the air at normal temperature and humidity. 
These aerosols, generally spherical in shape also undergo Mie scattering which can be helpful in damaging the virus in Sunny areas by quickly reducing the size of the droplet. The Air-conditioned atmosphere on the other hand is better for the infection due to cold and recirculating air in the plae.  Therefore, it has been suggested to keep the air circulating. The exposure 'time' and 'amount' of the virus is required to get the person infected to the level of the sickness.
Therefore, besides the usual practice of the washing the hands with soap Or using the sanitizes, it is suggested to 
1. wear cloth masks
2. keep the windows open
3. maintain the social distancing

It looks any way, in future, the social distancing will be a basic need of the society and shaking hands can be a thing of the past!

Prem
10th April 2020