सोमवार, मई 11, 2009

शिव जी की होली-1: पंडित छन्नूलाल मिश्रा, Chhannu lal Mishra , Shiv ki HOLI

ये होली पंडित छन्नूलाल मिश्रा  Chhannu lal Mishra  के स्वर में सुनी थी बहुत साल पहले, सीधे बनारस से लाइव:
पेश है:
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खेलैं मसाने में होरी दिगंबर खेले मसाने में होरी
भूत पिशाच बटोरी दिगंबर, खेले मसाने में होरी.
लखि सुंदर फागुनी छटा के, मन से रंग-गुलाल हटा के,
चिता, भस्म भर झोरी दिगंबर, खेले मसाने में होरी.
गोप न गोपी श्याम न राधा, ना कोई रोक ना, कौनाऊ बाधा
ना साजन ना गोरी,
‍‍ना साजन ना गोरी दिगंबर, खेले मसाने में होरी.
नाचत गावत डमरूधारी, छोड़ै सर्प-गरल पिचकारी
पीतैं प्रेत-धकोरी दिगंबर खेले मसाने में होरी.
भूतनाथ की मंगल-होरी, देखि सिहाएं बिरिज की गोरी
धन-धन नाथ अघोरी दिगंबर खेलैं मसाने में होरी.


  Chhannu lal Mishra , Shiv ki HOLI 

 यू tube पर ये है:

https://www.youtube.com/watch?v=RBievjUHLfE